ये पढ़ने के बाद बुढ़ापा नहीं लगेगा नीरस
अब मेरी कोई सुनता नहीं है मैं बच्चों को नहीं समझ पा रहा हूं, बच्चे मुझे नहीं समझ पा रहे हैं। सबकुछ कितना बदल गया है। आज से तीस चालीस साल बाद क्या हम भी ये ही बोलने वाले है। क्या हम समय के अनुरुप खुद का ढ़ाल पाएंगे या नहीं। तो चलो आज अपनी…
