सबसे अमूल्य है मां का वात्सल्य माना गया है
मां का वात्सल्य सबसे अमूल्य माना गया है। इसे शब्दों में पिरोना कठिन ही नहीं बल्कि असंभव है। आज मां की दसवीं पुण्यतिथि पर उनकी यादें ताज़ा हो गई हैं। मेरी मां का जन्म जहाँनिया क़स्बे में हुआ था जो कि अब पाकिस्तान में है। जब माँ 6-7 साल की थी तो उनके पिता का…
