Stevia Plant: इस समय बाजार में मिलने वाली चीनी बीमारियों की सबसे बड़ी जड़ है। क्योकि इसका प्रयोग हर तरह की स्वीट डिश में किया जाता है। जिसकी वजह से लोग चीनी को छोड़ नहीं पाते हैं। लेकिन अब छोड़ने की जरूरत भी नहीं है। हम आपको ऐसा विकल्प दे रहे हैं जिसमें आपको चीनी खरीदनी भी नहीं पड़ेगी। और चीनी से 30 गुना ज्यादा मिठास मिलेगी।
हम बात कर रहे हैं स्टेविया प्लांट की। स्टेविया प्लांट की पत्तियां चीनी से 30 गुना मीठी होती हैं। यह एस्टरेसिया परिवार का पौधा है।इसका वैज्ञानिक नाम स्टीविया रिबाउडियाना (stevia rebaudiana) है। इस लेख में हम आपको इस पौधे के फायदे, उगाने का तरीका बताएंगे।
क्या है स्टीविया प्लांट
- स्टीविया प्लांट का वैज्ञानिक नाम स्टीविया रिबाउडियाना (stevia rebaudiana) है।
- इसे मीठी तुलसी, चीनीपत्ता, मीठापत्ता, मधुरगुणा , मधुपत्र, शहदपत्ता के नाम से भी जाना जाता है।
- इसकी खेती मुख्य तौर पर कर्नाटक तथा महाराष्ट्र में होती है।
- इसकी पत्तियां चीनी के मुकाबले 30 से 40 गुना मीठी होती हैं।
- इसके पत्तों का उपयोग औषधि के तौर पर किया जाता है।
- रसोई में इसका प्रयोग प्राकृतिक चीनी के तौर पर किया जाता है।
- स्टेविया की 240 प्रजातियां उगाई जाती हैं।
स्टीविया प्लांट उगाने का तरीका
स्टीविया बहुत कम देखभाल वाला पौधा है। आसानी से उगाया जा सकता है। इसे पूरी साल कभी भी लगाया जा सकता है। हालांकि यह 11डिग्री सेल्सियस से कम तापमान में नहीं रह पाता है। इसलिए इसे सर्दियों में नहीं लगाना चाहिए। इसे बीज और कटिंग से भी लगाया जा सकता है। इस पौधे के लिए सामान्य भुरभुरी मिट्टी बनाएं। गमलों में जलनिकासी को बेहतर रखें। समय-समय पर खाद डालते रहें। यह धूप को पसंद करने वाला पौधा है। बाल्कनी या छत पर रखें।
स्टीविया प्लांट के फायदे
- स्टेविया के सेवन से इंसुलिन पर कोई असर नहीं पड़ता है।
- डायबिटीज के मरीज भी इस पौधे से मिठास का स्वाद ले सकते हें।
- इस पौधे की पत्तियों को पकवानों में डालने से मिठास आती है।
- स्टेविया में पाए जाने वाला कैम्फेरोल एंटीऑक्सीडेंट तत्व एंटी कैंसर है।
- स्टेविया में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है।
- यह मीठा छोड़े बगैर वजन कम करता है।
- स्टेविया स्किन प्राब्लम से मुक्त करने में उपयोगी है।
स्टीविया का उपयोग करने का तरीका
स्टीविया काे उपयोग करना आसान है। इसे उपयोग करने के लिए इसकी पत्तियों को ड्रिंक या सीधे किसी डिश में डालें। यह मिठास छोड़ता है। इसके साथ ही इसका पाउडर भी बनाया जा सकता है। पाउडर बनाने के लिए इसकी पत्तियों को धूप में सुखा लें। किसी भी ड्रिंक या चाय में डालें। और नेचुरल मिठास का स्वाद लें।
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