Hydroponic technology-आजकल लोग घर में आर्गेनिक सब्जियां और फल उगा रहे हैं। ज्यादातर लोग किचिन गार्डनिंग कर रहे हैं। किचिन गार्डनिंग बहुत आसान है और इससे आपको फायदा भी होता है। बहुत सारे लोगों को मिट्टी लाना फिर इसमें बीज लगाना आफत लगता है।
अगर आप सब्जियां उगाना चाहते हैं, लेकिन मिट्टी नहीं है और ज्यादा स्पेस नहीं है, तो ये लेख आपके लिए काम का है। आज हम आपके लिए कुछ ऐसी सब्जियों की लिस्ट लेकर आए हैं, जो आप बिना मिट्टी के आसानी से उगा सकते हैं।
हाइड्रोपोनिक तकनीक(hydroponic technology)
हाइड्रोपोनिक तकनीक यानि बिना मिट्टी के पानी में पौधे उगाना। विदेशों से निकलकर अब भारत में ये भी ये तकनीक पूरे पैर पसारने लगी है। बहुत से लोग जिनके पास जगह नहीं या जो मिट्टी में पौधे नहीं उगा सकते हैं। वो इस तकनीक के माध्यम से गार्डनिंग कर रहे हैं।
आपको बता दें कि हर सब्जी को इस विधि से आप नहीं उगा सकते हैं, लेकिन कुछ सब्जियां हैं जो आसानी से उग जाती है। आप भी इन सब्जियों के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं, तो अंत तक लेख पढ़े।
लेट्युस(Lettuce)
- लेट्युस हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगने वाली सब्जी है।
- इसका प्रयोग सलाद के रुप में किया जाता है।
- कम दिनों में ही ये अच्छी ग्रोथ पकड़ लेती है।
लेट्युस उगाने का तरीका(How to grow lettuce)
- लेट्युस के नीचे वाले हिस्से को पानी में लगाएं।
- कांच के जार को पानी से भरकर उसमें ये लगाएं।
- कोर का निचला आधा भाग ढ़क जाए, इतना पानी डालें।
- कांच के जार को धूप वाली जगह में रख दें।
- कुछ दिनों में इसका पानी बदलते रहें।
टमाटर(Tomato)
- टमाटर का प्रयोग सब्जी और सलाद के रुप में होता है।
- ये हाइड्रोपोनिक और एरोपोनिक दोनों तरीके से होता है।
- इसको ग्रोथ करने के लिए फॉस्फोरस और पोटेशियम की जरुरत होती है।
- आप कांच के जार में इसके पौधे को लगाएं और पोषक तत्व डालें।
हर्ब्स(Herbs)
- आप पुदीना, धनिया जैसे हर्ब्स भी आसानी से इस विधि से उगा सकते हैं।
- ये कम जगह में उग जाती है।
- तुलसी, पुदीना, लहसून किचिन में बहुत काम की चीज है।
- इनको बढ़ने के लिए नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और कैल्शियम की जरुरत होती है।
ग्रीन बीन्स(green beans)
- ग्रीन बीन्स सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।
- आप हाइड्रोपोनिक तकनीक से इसको घर में लगा सकते हैं।
- वर्टिकल फार्मिंग या फिर न्यूट्रिएंट फिल्म तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- इनको उगाने के लिए पोषक तत्वों की जरुरत होती है, वो पानी के जार में डालते रहें।
बड़े लेवल पर हाइड्रोपोनिक तकनीक से गार्डनिंग करने का तरीका
हाइड्रोपोनिक्स तकनीक में स्टैंड के माध्यम से सेटअप बनाया जाता है। जिसमें पानी बहती अवस्था में होता है। इस तकनीक में पौधे मल्टीलेयर फ्रेम के सहारे पाइप में उगाए जाते हैं। इस दौरान पाइप के अंदर पौधे की जड़े रहती हैं।
पाइप में पोषक तत्वों से भरे पानी को छोड़ दिया जाता है। मिट्टी के अंदर जो भी जरूरी पोषक तत्व होते हैं उन्हें पानी में ही प्रवाहित किया जाता है। इस विधि के माध्यम से टमाटर, खीरा, आलू, मक्का व अन्य फल वाले पौधे उगाए जा सकते हैं।
हाइड्रोपोनिक तरीके से खेती करने के लिए जरुरी बातें
- इसके लिए बारिश का पानी सही रहता है।
- पानी में पौधे की जरुरत के हिसाब से पोषक तत्व मिलाए जाते हैं।
- इसमें कंकड़ या कोकोपीट का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
- कोकोपीट में पानी एब्जार्व करने की क्षमता होती है।
- आप आरो का पानी भी इसमें यूज कर सकते हैं।
- तापमान मेंटेन करने के लिए पॉली हाउस भी लगाया जा सकता है।
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